“बचपन संभाल लिया… तो भविष्य खुद संभल जाएगा” ■ बचपन में लिया गया एक निर्णय, पूरी जिंदगी की दिशा बदल देता है। सवाल सिर्फ एडमिशन का नहीं… भविष्य की नींव का है।

बचपन संभाल लिया… तो भविष्य खुद संभल जाएगा” ■ बचपन में लिया गया एक निर्णय, पूरी जिंदगी की दिशा बदल देता है। सवाल सिर्फ एडमिशन का नहीं… भविष्य की नींव का है। ■ “क्योंकि आपका बच्चा साधारण नहीं है… उसे साधारण स्कूल मत दीजिए।” ■ स्कूल के डायरेक्टर राजीव गुप्ता की ओर से पेरेंट्स को भावपूर्ण संदेश हर माता-पिता का एक ही सपना होता है-मेरा बच्चा सिर्फ पढ़े नहीं… आगे बढ़े। सिर्फ नौकरी न करे… नेतृत्व करे। सिर्फ सफल न हो… संस्कारी और संवेदनशील भी बने, और खुश भी रहे। Adharshila School इसी सोच के साथ काम कर रहा है। यहाँ बच्चों को किताबों का बोझ नहीं, बल्कि सपनों की उड़ान दी जाती है। यहाँ शिक्षा का मतलब है — ● आत्मविश्वास जो मंच पर खड़ा कर दे ● कम्युनिकेशन स्किल्स जो दुनिया से जोड़ दे ● लीडरशिप जो भीड़ में अलग पहचान बना दे ● मजबूत मानसिक व शारीरिक विकास ● संस्कार जो सफलता के साथ विनम्रता भी सिखाएँ ● सुपर ब्रेन मेमोरी टेक्निक्स से तेज दिमाग ● एक्टिविटी आधारित रियल एजुकेशन हर कक्षा में केवल 25 विद्यार्थी — ताकि हर बच्चे पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जा सके। एसी कक्षाएं, विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, विशाल खेल मैदान, आधुनिक एक्टिविटी ब्लॉक और अत्यंत सुंदर प्री-प्राइमरी विंग-क्योंकि हम मानते हैं “क्वालिटी ही असली पहचान है।” स्कूल परिसर में मोबाइल और अस्वास्थ्यकर भोजन पूर्णतः प्रतिबंधित है। राजीव गुप्ता ने कहा कि अभिभावकों की हर चिंता को गंभीरता से सुना और तुरंत समाधान किया जाता है। इसी विश्वास और परिणाम के कारण हर वर्ष प्रवेश शीघ्र पूर्ण हो जाते हैं। पिछले वर्ष अनेक अभिभावक सीट न मिलने के कारण निराश हुए थे। ● प्रवेश केवल स्क्रीनिंग/टेस्ट के आधार पर होगा। ● सीटें सीमित हैं — हर बच्चे को प्रवेश मिल पाना संभव नहीं। आज निर्णय लीजिए… ताकि कल आपका बच्चा गर्व से कह सके — “मेरे माता-पिता ने मेरे लिए सही स्कूल चुना।” 9वीं से 12वीं के लिए नई अत्याधुनिक बिल्डिंग Gurukul Global School शीघ्र ही आकार ले रही है-जो अबोहर के लिए एक नई शैक्षणिक सौगात होगी। यहाँ 12वीं के बाद बच्चा सिर्फ सर्टिफिकेट लेकर नहीं निकलेगा वह निकलेगा एक मजबूत व्यक्तित्व, स्पष्ट लक्ष्य और बड़े करियर की तैयारी के साथ। अपने बच्चे को सबसे अनमोल तोहफा दीजिए — सही वातावरण, सही मार्गदर्शन और सही शिक्षा। सीटें सीमित हैं। देर मत कीजिए… क्योंकि भविष्य इंतज़ार नहीं करता।