नया सत्र, नई सोच — बदलते समय के साथ शिक्षक भी बदलें अपना पढ़ाने का तरीका
नया सत्र, नई सोच — बदलते समय के साथ शिक्षक भी बदलें अपना पढ़ाने का तरीका नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ आधारशिला स्कूल की अध्यापिका रश्मीत कौर ने सभी शिक्षकों के लिए एक प्रेरणादायक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में केवल किताबों तक सीमित रहकर पढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों को समझना, उनसे जुड़ना और उन्हें सोचने-समझने की दिशा देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि आज का बच्चा मोबाइल और इंटरनेट की दुनिया से जुड़ा हुआ है, इसलिए शिक्षक का कर्तव्य है कि बच्चों को पूरी तरह मोबाइल से दूर करने के बजाय उसका सही और सकारात्मक उपयोग सिखाया जाए, ताकि वही तकनीक उनके सीखने का मजबूत साधन बन सके। मिस रश्मीत ने कहा कि नए सत्र की सही शुरुआत केवल syllabus से नहीं, बल्कि बच्चों के साथ एक मजबूत connection बनाने से होती है — उनके सपनों, रुचियों और कठिनाइयों को समझना ही उन्हें पढ़ाई से जोड़ने का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने सभी शिक्षकों से आग्रह किया कि नया सत्र केवल नई किताबों की शुरुआत नहीं, बल्कि नई सोच अपनाने और बच्चों को भविष्य के लिए तैयार करने का सुनहरा अवसर है।

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