बड़ी सोच, मजबूत नींव और ग्लोबल तैयारी ■■ आधारशिला स्कूल में मधुबन और ऑक्सफोर्ड जैसे करिकुलम से नन्हे बच्चों को मिल रहा है वैश्विक स्तर का एक्सपोजर:

बड़ी सोच, मजबूत नींव और ग्लोबल तैयारी ■■ आधारशिला स्कूल में मधुबन और ऑक्सफोर्ड जैसे करिकुलम से नन्हे बच्चों को मिल रहा है वैश्विक स्तर का एक्सपोजर: ■■ “बच्चों की असली पढ़ाई तब शुरू होती है जब वे सवाल पूछने लगते हैं। आधारशिला स्कूल में हम हर बच्चे को दबाव नहीं, समझ और भरोसे के साथ सीखने का मौका देते हैं।” वंदना लूना ■■ “हमारा उद्देश्य सिर्फ सिलेबस पूरा करना नहीं, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास, सोचने की क्षमता और भविष्य के लिए तैयार दृष्टिकोण विकसित करना है।” रूपाली सैनी हर माता-पिता के मन में यही सवाल होता है-“मेरा बच्चा खुश है? सीख रहा है? कहीं दबाव में तो नहीं?” आधारशिला स्कूल इन्हीं सवालों का भरोसेमंद जवाब है। यहाँ पढ़ाई की शुरुआत किताबों से नहीं, बच्चे की समझ, भावनाओं और मुस्कान से होती है। इसी सोच के साथ स्कूल ने प्री-प्राइमरी में मधुबन पब्लिकेशन और प्राइमरी कक्षाओं में ऑक्सफोर्ड जैसे अंतरराष्ट्रीय करिकुलम को अपनाया है, ताकि बच्चे डर से नहीं, खुशी से सीखें। आधारशिला में बच्चे रटते नहीं, समझते हैं। जब बच्चा सवाल पूछता है और सीखने में आनंद लेता है, वही शिक्षा की असली सफलता होती है। यही कारण है कि यहाँ पढ़ाना टीचर्स के लिए भी खुशी का अनुभव बन गया है। स्कूल का मानना है कि बचपन की सही आदतें ही भविष्य की सबसे मजबूत नींव होती हैं। इसीलिए हर गतिविधि और हर पाठ बच्चे के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है।