नर्सरी कोई खेल नहीं—यही आपके बच्चे के भविष्य की नींव है, नर्सरी में क्वालिटी नहीं, तो आगे कहानी नहीं— ‘बच्चे को स्कूल नहीं, सही शुरुआत चाहिए’ — मनदीप कंबोज, विंग हेड, लिटिल स्टेप्स
नर्सरी कोई खेल नहीं—यही आपके बच्चे के भविष्य की नींव है, नर्सरी में क्वालिटी नहीं, तो आगे कहानी नहीं— ‘बच्चे को स्कूल नहीं, सही शुरुआत चाहिए’ — मनदीप कंबोज, विंग हेड, लिटिल स्टेप्स ■■ “क्या आप अपने बच्चे की नींव पर समझौता कर रहे हैं?” आज प्री-प्राइमरी में की गई गलती, कल पूरे करियर पर भारी पड़ सकती है— ‘सही स्कूल चुनिए, आधी लड़ाई यहीं जीतिए’ — सुदेश यादव, विंग हेड, किडरगार्टन ■■ “सस्ती नर्सरी का महँगा नुकसान — माता-पिता ज़रूर सोचें, सवाल फीस का नहीं, भविष्य का है; बच्चे छोटे हैं, फैसले नहीं—भविष्य बड़ा है” — गीतांजलि, विंग हेड, एकेडमिक्स, लिटिल स्टेप्स ■■ “किसी ऑफर या स्कीम पर मत जाइए, बच्चों की एजुकेशन कोई प्रोडक्ट नहीं है, बस बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के बारे में सोचिए” — प्रियता, विंग हेड, प्री-प्राइमरी विंग आधारशिला स्कूल के प्री-प्राइमरी के विंग हेड ने अभिभावकों को संदेश देते हुए कहा कि नर्सरी केवल एक क्लास नहीं, बल्कि बच्चे के जीवन की सबसे महत्वपूर्ण शुरुआत होती है। यही वह समय होता है जब बच्चे में सीखने की आदत, आत्मविश्वास और अच्छे संस्कारों की नींव रखी जाती है। उन्होंने पेरेंट्स को कहा कि वे केवल कम फीस या आकर्षक ऑफर्स के आधार पर स्कूल का चयन न करें, बल्कि क्वालिटी एजुकेशन, अनुभवी शिक्षकों और सुरक्षित वातावरण को प्राथमिकता दें। “मजबूत नींव ही मजबूत इमारत बनाती है—और सही नर्सरी ही बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की पहली सीढ़ी है।” ✨

