आधारशिला स्कूल के डायरेक्टर राजीव गुप्ता का गणतंत्र दिवस पर शिक्षकों को समर्पित एक प्रेरक संदेश
आधारशिला स्कूल के डायरेक्टर राजीव गुप्ता का गणतंत्र दिवस पर शिक्षकों को समर्पित एक प्रेरक संदेश ■■ “हम सिर्फ़ पढ़ाएँगे नहीं, हम ज़िंदगी बदलेंगे। हम सिर्फ़ नौकरी नहीं करेंगे, हम मिशन जिएँगे।” ■■ हर दिन पढ़कर और पूरी तैयारी से कक्षा में आएँ ,बच्चों के सामने एक आदर्श बनें,अपने कर्तव्य में कोई कमी न छोड़ें क्योंकि जब शिक्षक जागता है, तो पूरी पीढ़ी जागती है। गणतंत्र दिवस केवल तिरंगा फहराने का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमारे कर्तव्यों, मूल्यों और जिम्मेदारियों को दोबारा याद करने का दिन है। इसी भावना के साथ आधारशिला के डायरेक्टर राजीव गुप्ता ने शिक्षकों के नाम एक अत्यंत प्रेरणादायक संदेश दिया, जिसमें शिक्षा को एक नौकरी नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का मिशन बताया। राजीव गुप्ता ने कहा— “संविधान की आत्मा सिर्फ किताबों और कागज़ों में नहीं, कक्षा में बैठी हर उस आँख में सांस लेती है जो भविष्य का सपना देख रही है। और उस आत्मा के सच्चे रक्षक शिक्षक हैं।” उन्होंने शिक्षकों को याद दिलाया कि कक्षा में बैठा हर बच्चा केवल एक रोल नंबर नहीं होता, बल्कि किसी परिवार की पूरी दुनिया होता है। उसके सपने, उसका आत्मविश्वास और उसका कल—सब कुछ शिक्षक के समर्पण से जुड़ा होता है। एक शिक्षक केवल सिलेबस नहीं पढ़ाता, वह सोच बनाता है, संवेदनाएँ जगाता है और देश का भविष्य गढ़ता है। उन्होंने साफ़ शब्दों में यह भी कहा कि— “जिस दिन शिक्षक बिना तैयारी कक्षा में जाता है,उस दिन सिर्फ़ एक पीरियड नहीं, बल्कि एक बच्चे का भरोसा टूटता है और जिस दिन शिक्षक पूरे मन से पढ़ाता है, उस दिन बोर्ड पर नहीं, ज़िंदगी पर असर लिखा जाता है। गणतंत्र दिवस की भावना को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने शिक्षकों से यह प्रण लेने का आह्वान किया— हर दिन पढ़कर और पूरी तैयारी से कक्षा में आएँ ,बच्चों के सामने एक आदर्श बनें,अपने कर्तव्य में कोई कमी न छोड़ें क्योंकि जब शिक्षक जागता है, तो पूरी पीढ़ी जागती है। उन्होंने सभी शिक्षकों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा— “हम सिर्फ़ पढ़ाएँगे नहीं, हम ज़िंदगी बदलेंगे। हम सिर्फ़ नौकरी नहीं करेंगे, हम मिशन जिएँगे।” आधारशिला स्कूल का यह संदेश न केवल शिक्षकों के आत्मसम्मान को मजबूत करता है, बल्कि समाज को यह याद दिलाता है कि एक मजबूत राष्ट्र की शुरुआत एक जिम्मेदार शिक्षक से होती है। देश को आप जैसे शिक्षकों पर गर्व है। बच्चों को आपकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। राजीव गुप्ता डायरेक्टर आधारशिला स्कूल, आबोहर

