आधारशिला के शिक्षक केवल शिक्षक नहीं, सच्चे गुरु हैं...
आधारशिला के शिक्षक केवल शिक्षक नहीं, सच्चे गुरु हैं... ■■:“गुरु वह होता है जो केवल विषय नहीं पढ़ाता, बल्कि संस्कार, आत्मविश्वास और जीवन मूल्य भी सिखाता है। हमारे शिक्षक बच्चों को सिर्फ परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि जीवन के लिए तैयार करते हैं।” ■■ स्कूल का उद्देश्य केवल अच्छे अंक लाना नहीं, बल्कि अच्छे इंसान तैयार करना है... आज के दौर में शिक्षा केवल किताबों और अंकों तक सीमित नहीं है। आधारशिला स्कूल के शिक्षक शिक्षा को एक पवित्र मिशन मानते हुए बच्चों को केवल परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि जीवन के लिए तैयार कर रहे हैं। आधारशिला के शिक्षक विद्यार्थियों में संस्कार, आत्मविश्वास और जीवन मूल्यों का विकास करते हैं। वे हर बच्चे की क्षमता को पहचानकर उसकी कमजोरियों को दूर करने और उसकी प्रतिभा को निखारने का निरंतर प्रयास करते हैं। कक्षा में वे सिर्फ शिक्षक नहीं, बल्कि मार्गदर्शक, मित्र और प्रेरणा स्रोत बनते हैं। स्कूल के डायरेक्टर राजीव गुप्ता ने कहा— “गुरु वह होता है जो केवल विषय नहीं पढ़ाता, बल्कि बच्चों को अच्छा इंसान बनाता है। जब शिक्षक गुरु बन जाते हैं, तब शिक्षा एक क्रांति बन जाती है।” आधारशिला स्कूल का उद्देश्य केवल अच्छे परिणाम नहीं, बल्कि अच्छे, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक तैयार करना है। यही कारण है कि आधारशिला आज केवल एक स्कूल नहीं, बल्कि संस्कार और सफलता की सशक्त पाठशाला बन चुका है।

